भारत में अधिकतर Mutual Funds फंड में Investment करने के लिए विशेष कंपनियाँ जिन्हें Mutual Funds कंपनियाँ कहलाती हैं, कार्य करती हैं। यह कंपनियाँ निवेशकों की ओर से Investment मार्केट में उपलब्ध Shares, IPO, Bonds or Debenturesऔर बोण्ड्स इत्यादि में Investment करतीं हैं। जो लोग इन फंडस के देखभाल करते हैं उन्हें फंड मैनेजर कहते हैं और ये एक्सपर्ट के रूप में Investment बाज़ार के उतार-चड़ाव को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। फंडस मैनेजर बाजार के मूड के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से उपलब्ध फंडस का अधिक से अधिक आय कमाने के उद्देशय से Investment करते हैं। Mutual Funds कंपनी, Mutual Funds फंड के अंतर्गत किए गए Investment की यूनिट्स के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होते हैं। इसके अतिरिक्त यह कंपनियाँ आपको वो सेवाएँ भी देतीं हैं जिससे आपके Investment की प्रक्रिया और सरल और सहज हो जाती है। इन सेवाओं में Mutual Funds के लिए वित्तीय सुझाव और सलाहकार, कस्टमर सेवाएँ, एकाउंटिंग, मार्किटिंग और सेल्स इत्यादि शामिल हैं।
म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश के तरीके :-
म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश दो तरीके से किया जा सकता- एकमुश्त (Lump Sum) और एसआईपी (Systematic Investment Plan). एकमुश्त निवेश में आप अपनी जमा बचत से सही समय पर एक बार में ही Mutual Fund Units खरीद लेते हैं जबकि SIP में हर महीने एक निश्चित राशि आपके बैक अकाउंट से Mutual Fund को ट्रान्सफर हो जाती हैं और उस समय के बाज़ार मूल्य पर आपको Mutual Fund Units मिल जाती हैं| सरल होने के कारण आजकल SIP Schemes बहुत अधिक प्रचलित हैं|

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