पीपीएफ Public Provident Fund यानि सार्वजनिक भविष्य निधि जो कि राष्ट्रीय बचत संगठन द्वारा सन 1968 में शुरू की गई योजनाओं में से एक है. इस योजना के माध्यम से संगठन का उद्देश्य देश के नागरिकों में बचत की आदत को पैदा करना था. यह स्किम टैक्स-फ्री सेविंग एवेन्यू है. पीपीएफ खाते में जमा पर ब्याज पर कर नहीं लगता है. इससे पीपीएफ योजना भारत में सबसे अधिक कर कुशल उपकरणों में से एक है. पीपीएफ में पैसा जमा करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आप हर महीने या फिर साल में एकबार अपने सुविधा अनुसार पैसा जमा कर सकते है. अगर किसी साल में आपके पास पैसे न भी हों तो कम से कम 500 रुपया जमा कर देने से खाता चालू रहेगा और जिस पर हर साल चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है. यह ब्याज मार्च के बाद मिलता है. PPF एक विशेष प्रकार का खाता है इसे खुलवाने, राशि जमा करने एवं निकालने के अलग से नियम है. साल में न्यूनतम 500, अधिकतम 1,50,000 जमा कर सकते है और सिर्फ एक बार लिमिटेड राशि निकाल सकते है.
पीपीएफ की राशि पर आयकर कटौती का लाभ मिलता है. साथ ही साथ ऐसे अकाउंट की मैच्योरिटी यानी 15 वर्ष पूरा होने पर जो राशि प्राप्त होती है वो करमुक्त होती है. ऐसे में लंबी अवधि के निवेशों जैसे कि आपके बच्चे की उच्च शिक्षा, बेटी की शादी का खर्च आदि के लिए बेहतर होता है. अगर आप पीपीएफ का बेहतर फायदा उठाना चाहते हैं तो आपके लिए बेहतर यह होगा कि आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही अपना धन जमा करवा दें.
पीपीएफ खाते के फायदे
·
पीपीएफ खाते में हर साल 1.5 लाख तक की जमा की गई राशि पर आयकर में छूट मिल जाती है, यानि 1.5 लाख की राशि, व्यक्ति की कुल आय से कम कर फिर टैक्स की गणना की जाती है| यह छूट 80डी के तहत होती है जिसमे पीपीएफ के अलावा बचत के अन्य स्कीम भी शामिल होती है|
·
पीपीएफ खाते में जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज की रकम पर भी आय कर नहीं लगता है| जबकि बचत स्कीम जैसे बैंक एफडी, बांड, एनएससी एवं म्यूच्यूअल फण्ड में मिलने वाली ब्याज की रकम पर आय कर लगता है|
·
किसी ब्यक्ति के पीपीएफ खाते में जमा राशि, उस ब्यक्ति पर बैंक की डिक्री आने पर भी जब्त नहीं की जा सकती है|
पीपीएफ खाते में जमा कराने के नियम
·
·
प्रत्येक वित्तीय साल में नतम राशि रु 500 जमा कराना जरूरी है ।
·
वित्तीय साल में अधिकतम जमा की राशि की सीमा 1,50,000 रु है।
·
एक महीने में दो बार एवं एक वर्ष में अधिकतम 12 बार राशि जमा करा सकते है ।
निकासी एवं लोन
·
पीपीएफ खाते में शुरू में निकासी प्रतिबंधित है। खाता खोलने के 7वे वर्ष से सीमित राशि की निकासी की जा सकती है| खाते से पूरी राशि केवल खाता पूरा होने पर (15 वर्ष) ही निकाली जा सकती है। कुछ असाधारण स्थितियों में जैसे गंभीर बीमारी पर खाते को परिपक्वता से पहले बंद करने की अनुमति दी जाती है और पूरा पैसा निकाला जा सकता है।
·
पीपीएफ अकाउंट बैलेंस से ऋण तीसरे वर्ष से छठे वर्ष में लिया जा सकता है । अधिकतम लोन की राशि 2 वर्ष के पूर्ववर्ती शेष जमा राशि का 25% होगी। लोन को 36 महीनों के भीतर चुकाना होता है और लोन पर ब्याज की दर पीपीएफ की ब्याज दर से अधिक होती है।
PPF खाता खुलवाने के लिए क्या करना होगा?
·
अब जान लेते हैं कि अगर हम पीपीएफ का खाता खुलवाना चाहें तो इसके लिए क्या करना होगा? आप किसी भी सरकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवा सकते हैं. आज हम आपको पीपीएफ खुलवाने की जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं.
·
इसके लिए सबसे पहले आप नजदीकी बैंक जायें. बैंक के सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी से पीपीएफ का फॉर्म ले लें. अगर उस बैंक के ब्रांच में खाता हैं तब तो उससे लिंक कर खाता खुलवा सकते हैं. अगर नहीं हैं तो आपको आई डी प्रूफ के रूप में पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट व् एड्रेस प्रूफ के रूप में टेलीफ़ोन बिल, राशन कार्ड, बिजली बिल इत्यादि के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर जाना होगा. कोशिश करें कि खाता खोलते समय फिक्स्ड अमाउंट न सलेक्ट कर वेरिएबल अमाउंट सेलेक्ट करें. मिनिमम राशि 500 रुपया सेलेक्ट करें, जिससे अपने सुविधा के अनुसार पैसे जमा करवा सकें.

Comments
Post a Comment