किसी भी निवेशकर्ता के लिए जोखिम रहित आय का अर्जन उसका पहला और मुख्य उद्देशय होता है। ऐसे में कोई व्यक्ति Mutual Funds फंड में Investment क्यूँ करे, इसके लिए उसको निम्न फ़ायदों के बारे में पता होना चाहिए:
1. विशेषज्ञों का प्रबंधन:
Mutual Funds फंड में Investment करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है की इसकी देख-रेख एक्सपर्ट या विशेषज्ञों के द्वारा की जाती है। यह एक्सपर्ट Investment बाज़ार पर पैनी नज़र रखते हैं और बाज़ार में आने वाले तीखे उतार-चड़ाव को ध्यान में रखते हुए Investment संबंधी निर्णय लेते हैं। आम भाषा में इन एक्सपर्ट को Portfolio मैनेजर कहा जाता है।
2. विविधता:
Mutual Funds फंड में Investment करने से विभिन्न प्रकार के इनवेस्टमेंट टूल्स में Investment करने का मौका और फायदा मिलता है। इसकी अलग-अलग स्कीम, विभिन्न क्षेत्रों के शेयर्स, Bonds और Securities Deposits में Investment करने से सबका लाभ निवेशकर्ता को मिलता है। इस प्रकार Mutual Funds फंड में Investment करने से विविधता का लाभ आपको बहुत अच्छी तरह से मिलता है। आपके Portfolio मैनेजर आपकी इच्छानुसार आपके फंड को विभिन्न Industries और Assets में Investment करते हैं।
3. लिक्विडिटी:
इस प्रकार का Investment सबसे अधिक लिक्विड या तरल Investment माना जाता है। जब तक किसी Investment में लॉक-इन पीरियड न हो, वह Investment आपकी इच्छानुसार कभी भी नकद रूप में बदला जा सकता है।
4. लोचशीलता:
आपके लिए सबसे अच्छा Investment वही माना जाता है जो आपकी इच्छानुसार आपको Redemption और नकद वापसी की सुविधा दे। ओपन एंड Mutual Funds में उपलब्ध सभी स्कीम आपको यही सुविधा देतीं हैं। इनके अंतर्गत आप अपनी इच्छानुसार Investment को Redeme कर सकते हैं। Close-Ended Fund में आप Mutual Fund को Stock Market में बेच सकते हैं
5. न्यूनतम ट्रांजेकशन लागत:
एक व्यक्तिगत रूप में यदि आप Investment करते हैं तो आपको ट्रान्सैक्क्षन लागत के रूप में काफी अधिक धन चुकाना पढ़ता है। यह आपकी Investment की लागत बन जाती है। जबकि Mutual Funds में यह लागत न्यूनतम होकर आपके लाभ को अधिकतम कर देती है।
6. पारदर्शिता:
आपका Portfolio मैनेजर आपको बाज़ार की हर हरकत से पूरी तरह से अवगत करवाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर आप अपना Investment नियंत्रित कर सकते हैं।
7. सुनियंत्रित:
भारत में Mutual Funds सेबी (सिक्युरिटीज और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के द्वारा नियमित और नियंत्रित होती है। इससे निवेश कर्ताओं के हितों की पूरी सुरक्षा होती है।
Mutual Funds में Investment की जोखिम:
Mutual Funds में Investment करने से पूर्व कुछ बातों का ध्यान रखना आपके लिए बहुत जरूरी है। जैसा की आप जानते ही हैं कि Mutual Funds में Investment बाज़ार में उपलब्ध विभिन्न Shares, Fixed Deposits, Securities आदि में Investment किया जाता है। किस Asset में Investment करना है, इसका निर्णय आपके Investment और Mutual Fund Scheme के उद्देशय के आधार पर लिया जाता है। Investment बाज़ार पूरी तरह से बाह्य कारण जैसे सरकारी नीतियाँ, उपभोक्ता की रुचि और प्रॉडक्ट और सेवाओं के ट्रेंड पर निर्भर करता है। आज अगर किसी Share की कीमत अधिक है तो कल वो किसी कारण से कम भी हो सकती है। इसलिए Mutual Funds में Investment करने में निम्न जोखिम का सामना करना पड़ सकता है:
जोखिम
Mutual Funds स्कीम के अंतर्गत Investment में विविधता होने के कारण जोखिम और लाभ एक ही सिक्के के दो पहलू हो जाते हैं। क्योंकि म्यूच्यूअल फण्ड द्वारा विभिन्न प्रकार की सिक्योरिटीज़ में निवेश किया जाता हैं इसलिए हानि होने की जोखिम भी रहती हैं|
नियंत्रण की कमी:
म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने पर आपका इस बात पर नियंत्रण नहीं होता कि आपका पैसा किस प्रकार के Share, Debenture या Securities आदि में निवेश होगा क्योंकि इसका निर्णय Mutual Fund के Fund Managers करते हैं|

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